Tuesday, 18 July 2017

Mutual Fund Ke Prakar. म्यूचुअल फंड के प्रकार.

Mutual funds ke prakar hindi me puri jankari

हमने पिछली पोस्ट में बताया था कि म्यूचुअल फंड क्या होता है। अगर आपने वो पोस्ट पढी है, तो आपको क्लियर हो गया होगा कि यह चीज है क्या? नही पढी तो निचे लिंक पर क्लिक करें और पढ़ें। खैर इस पोस्ट में म्यूचुअल फंड के प्रकार के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह भी बतायेंगे की कौनसी स्कीम में कितना रिस्क होता है और रिस्क फ्री स्कीम के बारे में भी बतायेंगे। 
स्ट्रक्चर के आधार पर म्युचुअल फंड के प्रकार.

ओपन एंडेड फंड: ओपन एंडेड फंड में टाईम की कोई लिमिटेशन नही होती। यह ऐक लोंग टाइम तक चलने वाली स्कीम है, मतलब यह स्कीम सालो तक चलती है। ओपन एंडेड फंड में युनीट्स को किसी भी समय रिलीज किया जा सकता है। इस फंड में इनवेस्टर किसी भी समय इनवेस्ट कर सकता है और जरूरत पडने पर किसी भी समय अपने इनवेस्ट को रिडीम कर सकता है। ओपन एंडेड फंड में लिक्विडिटी बहुत होती है। पहली बार जब इसका न्यू ओफर रिलीज होता है तो इनवेस्टर्स इस ओफर मे इनवेस्टमेन्ट करता है तो युनीट्स वेल्यू फिक्स होती है, लेकिन अगर कुछ टाइम बाद इनवेस्टर्स इस ओफर में इनवेस्टमेन्ट करता है तो युनीट्स की वेल्यू बढ जाती है, मतलब ओफर को बाजार मे रिलीज होने के बाद इसमे इनवेस्टमेन्ट करना है तो इनवेस्टर्स को यूनिट्स की नेट एसेट वैल्यू यानि एन.ए.वी. पर इनवेस्टमेन्ट करना होता है ।

उदाहरण के लिए कोई ओपन एंडेड फंड की ओफर बाजार मे 50र युनीट वेल्यू के साथ रिलीज हुई है और ऐक साल के बाद इस फंड की नेट एसेट वैल्यू बढकर 80र होती है तो न्यु इनवेस्टर्स को इस ओफर में इनवेस्टमेन्ट करने के लिए 80र प्रती युनीट्स के हिसाब से देना होगा।

क्लोज एंडेड फंड: इस फंड ने इनवेस्टमेन्ट की टाइम लिमिट होती है। इस फंड में जब न्यू ओफर बाजार मे उपलब्ध होता है तब ही इनवेस्टर्स इनवेस्टमेन्ट कर सकते हैं। इसमे इनवेस्टमेन्ट तब ही कर सकते हैं जब न्यू ओफर रिलीज होता है, ओफर पूरा होने के बाद इसमे इनवेस्टमेन्ट नही कर सकते हैं, लेकिन इसमे ऐक एग्जिट होता है, मतलब जब इनवेस्टर्स को पैसो कि जरूरत होती है तो फंड से अपना पैसा निकाल सकते हैं।

एसेट क्लास के आधार पर म्यूचुअल फंड के प्रकार.

इक्विटी फंड (Equity fund): इसे उच्च जोखिम वाला फंड माना जाता है, लेकिन यह उच्च रिटर्न प्रदान भी करता हैं। इस फंड को शेयरो मे इनवेस्ट किया जाता है। यह शेयर बाजार से जुडी योजना है। शेयर बाजार मे होने वाले बदलाव इसका सीधा असर इक्विटी फंड पर पडता है, इसलिए इस फंड से मिलने वाला रिटर्न अस्थिर होता है।

बैलेंस्ड फंड (Balanced Fund): उन इनवेस्टरो के लिए अच्छा है जो कम रिस्क के साथ अधिक रिटर्न पाने की सोच रहे हैं। यह फंड इक्विटी और फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज में इनवेस्टमेन्ट करते हैं. बैलेंस्ड फंड मे इन दोनो इक्विटी और फिक्स्ड पर फोकस किया जाता है कि इनवेस्टमेन्ट संतुलित हो।

ऋण फंड (Debt funds): यह फंड ज्यादा इनवेस्टमेन्ट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, डिवेंचर, कॉल मनी, और ऋण उपकरणों में किया जाता है। इस फंड में कम रिस्क के साथ निश्चित रिटर्न दे सकता है। 

मुद्रा बाजार फंड(Money Market funds): इस फंड को तरल उपकरणों में इनवेस्ट किया जाता है। मध्यम रिटर्न की चाह रखने वाले इनवेस्टर्स के लिए इसे सुरक्षित इनवेस्टमेन्ट माना जाता है।

इनवेस्टमेन्ट उद्देश्य के आधार पर म्यूचुअल फंड के प्रकार

ग्रोथ फंड (Growth funds): इस फंड को लंबी अवधि के इनवेस्ट के साथ जोखिम भरा माना जाता है। इस फंड को मुख्य रूप से इक्विटी शेयरों में पूंजी में वृद्धि प्रदान करने के उद्देश्य के साथ इनवेस्ट किया जाता है। चूंकि वे जोखिम भरा फंड हैं, लेकिन अपने इनवेस्टमेन्ट पर अधिक लाभ की चाह रखने वाले लोगों के लिए आदर्श है।

लिक्विड फंड : इस फंड के तहत, पैसा मुख्य रूप से अल्पकालिक या बहुत ही कम अवधि के उपकरणों जैसे T-Bills, CPs, में निवेश किया जाता है । यह फंड उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो कम समय के लिए इनवेस्टमेन्ट करना चाहते हैं। इसे मध्यम रिटर्न के साथ कम जोखिम वाला फंड माना जाता है। लिक्विड फंड को सोर्ट टर्म फंड यानि अल्प अवधि फंड भी कह सकते हैं 


कैपिटल प्रोटेक्शन: यह फंड जहां धन निश्चित आय के साधन और इक्विटी बाजारों में इनवेस्ट के बीच विभाजित कर रहे हैं। इसे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनवेस्ट किया जाता है। इस फंड को निश्चित समय अवधि तक ही इनवेस्ट किया जाता है इसलिए फंड मेनेजर के पास ज्यादा रिस्क लेने की संभावना ही नहीं रहती है.

फिक्स्ड मैच्योरिटी फंड: इस फंड मे फंड मेनेजर को पहले से निर्धारित इंस्ट्रूमेंट्स में इनवेस्ट करना होता है, इसलिए चार्जेज कम रहते हैं । मैच्योरिटी का समय भी निर्धारित रहता है और डेब्ट उपकरणों मे इनवेस्टमेन्ट किया जाता है।

पेंशन फंड्स: पेंशन फंड को वास्तव में दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ में इनवेस्ट कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से निवृत इनवेस्टर्स की सेवा के लिए तैयार किया है। इस में इनवेस्टमेन्ट इक्विटी और ऋण बाजारों में जहां इक्विटी इनवेस्टमेन्ट उपलब्ध कराने के अधिक लाभ और ऋण बाजार जोखिम को संतुलित और कम लेकिन स्थिर लाभ प्रदान की जोखिम भरा भाग के रूप में कार्य के बीच विभाजित किया जा सकता है। इन फंडों से रिटर्न एक पेंशन या दोनों के संयोजन के रूप में, गांठ रकम में लिया जा सकता है।

टेक्स-सेविंग फंड (Tax-Saving funds) : इस फंड को इक्विटी शेयरों में मुख्य रूप से इनवेस्ट कर रहे हैं। इन फंडों में किए गए निवेश आयकर अधिनियम के तहत कटौती के लिए योग्य हैं। वे जोखिम पर उच्च माना जाता है, लेकिन यह उच्च रिटर्न का अच्छा प्रदर्शन करता ह।

इनकम फंड (Income funds): इन योजनाओं के तहत, पैसा मुख्य रूप से नियत आय के साधन डिबेंचर आदि में पूंजी संरक्षण और इनवेस्टर्स के लिए नियमित आय प्रदान करने के उद्देश्य के साथ इनवेस्टमेन्ट किया जाता है।

म्युचुअल फंड के प्रकार विशेषता के आधार पर

ग्लोबल फंड: इन फंड में दुनिया के किसी भी हिस्से में एक कंपनी में हो सकता है क। वे अंतरराष्ट्रीय / विदेशी निधियों से अलग हैं।

सेक्टर फंड: इस फंड को बाजार की एक विशेष क्षेत्र में इनवेस्ट कर रहे हैं इंफ्रास्ट्रक्चर फंड केवल उन उपकरणों या कंपनियों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र से संबंधित में इनवेस्ट करता है। जोखिम इन योजनाओं में शामिल क्षेत्र की प्रकृति पर निर्भर करता है।

फंड ओफ फंड्स: इस फंड को अन्य म्युचुअल फंडों में इनवेस्ट किया जाता है। रिटर्न लक्ष्य फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं। इन निधियों के रूप में भी बहु प्रबंधक फंड करने के लिए भेजा जा सकता है। इसमे इनवेस्टमेन्ट सुरक्षित माना जा सकता है।

इन्टरनेशनल फंड: ये भी विदेशी निधियों के रूप में जाना जाता है और दुनिया के अन्य भागों में स्थित कंपनियों में इनवेस्टमेन्ट की पेशकश करता है।

रियल एस्टेट फंड: ये फंड को रियल एस्टेट कंपनियो में इनवेस्ट किया जाता हैं। इस फंड को Realtors, बिल्डरों, एस्टेट मेनेजमेंट कंपनियों में ऋण उपलब्ध कराने के लिए इनवेस्ट कर सकते हैं। रियल एस्टेट में इनवेस्टमेन्ट किसी भी स्तर पर बनाया जा सकता है

उभरते बाजार फंड(emerging market funds): इस फंड को विकासशील देशों में इनवेस्ट किया जाता है।

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड: यह फंड ओपन एंडेड और क्लोज एंडेड दोनो म्यूचुअल फंड का मिश्रण हैं और शेयर बाजारों पर इनवेस्टमेन्ट करते हैं। 

गिफ्ट फंड: यह फंड जहां धन एक लंबे समय के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में इनवेस्ट किया जाता है। यह फंड वास्तव में रिस्क फ्री के हैं और जो लोग रिस्क लेना नहीं चाहते उनके के लिए आदर्श इनवेस्टमेन्ट हो सकता है।

एसेट एलोकेशन फंड: यह फंड दो वेरिएंट में आता है, टारगेट डेट फंड और टारगेट एलोकेशन फंड। इन फंडों में पोर्टफोलियो मेनेजर परिणाम प्राप्त करने के लिए एलोकेशन एसेट को समायोजित कर सकते हैं। इन फंडों का इनवेस्टमेन्ट बांडों और शेयरों की तरह विभिन्न उपकरणों में इनवेस्ट किया जाता है।

लीवरेज्ड फंड: यह फंड पारंपरिक म्युचुअल फंड के विपरीत कार्य करते हैं।  जब बाजार गिर जाते हैं तब इन फंडों से इनकम होती है और जब बाजार में अच्छी बढोतरी होती है तब इन फंडों को नुकसान में जाने जाते हैं। ये आम तौर पर केवल जो भारी नुकसान उठाने को तैयार हैं उन लोगो के लिए है। लेकिन इन फंडों में बहुत बड़े लाभ के साथ उच्च जोखिम होता है।

म्युचुअल फंड के प्रकार रिस्क के आधार पर

Low risk: यह म्यूचुअल फंड उन इनवेस्टरो के लिए अच्छा है जो इनवेस्टमेन्ट में रिस्क लेना नही चाहते। ऐसे मामलों में इनवेस्टमेन्ट ऋण बाजार जैसी जगहों पर किये जाते हैं और लंबी अवधि के इनवेस्टमेन्ट होते हैं। इस फंड में कम रिस्क एक के साथ में, इनवेस्टमेन्ट पर रिटर्न भी कम होते है। एक कम रिस्क फंड का उदाहरण गिफ्ट फंड जहां इनवेस्टमेन्ट सरकारी प्रतिभूतियों में किया जाता है।

Medium risk: जो लोग ज्यादा रिस्क लेना नही चाहते हैं उन लोगो के लिए यह आदर्श फंड है। इनमे कुछ रिस्क के साथ अच्छे रिटर्न की चाह रख सकते हैं। इस फंड को धन का निर्माण करने के लिए लंबी अवधि के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।

High risk: यह उन लोगों के लिए है जो इनवेस्टमेन्ट में ज्यादा रिस्क ले सके, इस फंड का ऐक उदाहरण लीवरेज फंड है। हालांकि इन फंडों में ज्यादा रिस्क के साथ  अधिक लाभ भी मिल सकता हैं।

मार्केट में इस तरह के बहुत से म्यूचुअल फंड्स उपलब्ध है। यह थे म्यूचुअल फंड के प्रकार, पोस्ट अच्छी लगी तो सब्सक्राइब करें और शेयर करे।
Nitesh kumar
Nitesh kumar

Hello Friends! My Self Nitesh Kumar, From India Gujarat. I Am Passionate Blogger. I Am Author Of SolutionSoul Blog. In This Blog I'll Give U Information About New Technology, Various Technical Tricks, Mobile And Computer Tricks, Knowledge And News Etc.

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